Nuclear Winter किसे कहते हैं?

Nuclear Winter Kise Kehte Hain

Nuclear Winter की परिभाषा

Nuclear winter एक गंभीर और लम्बे समय तक वैश्विक climate cooling effect है, जो परमाणु युद्ध के बाद बड़े पैमाने पर आग के धुएं के कारण बनता है। इस स्थिति के दौरान सूर्य का प्रकाश धुएं के विशाल बदल के कारण पृथ्वी की सतह तक नहीं पहुँच पाता है। जिसके कारण पृथ्वी पर एक लम्बे समय के लिए रेडिएशन से भरा, अंधेरा और बहुत ही सर्दी वाली स्थिति बन जाती है।

इतिहास

दुतीय विश्व युद्ध में अमेरिका द्वारा जापान पर गिराए little boy नामक परमाणु बम से लगभग 1,29,000 लोगों की मृत्यु हुई थी। जो कि इतिहास मे युद्ध के लिए परमाणु हथियारों का एकमात्र उपयोग था। 1947 से 1991 तक चली cold war के दौरान परमाणु हथियारों से होने वाले परिणाम केवल विस्फोट से होने वाली नुक्सान और रेडिशन तक सीमित था। लेकिन आधुनिक युग मे यह और भी भयानक रूप ले सकता है। आगे जानिए कैसे –

1983 मे Carl sagan और कई वैज्ञानिकों द्वारा Nuclear winter पर एक शोध किया गया, जिसमे computer model और computer simulation द्वारा परमाणु युद्ध के बाद की स्थिति पर शोध किया गया जिसमे पाया गया कि परमाणु युद्ध वास्तव मे एक दुर्लभ और भयानक स्थिति उत्पन्न कर सकता है।

Nuclear winter के computer models और computer simulation

Nuclear winter के computer models और computer simulation के अनुसार अगर परमाणु युद्ध वैश्विक पैमाने पर हुआ तो उससे लगभग 10 करोड़ टन धुएं का राख वातावरण मे तुरंत घुल जायेगा। जिसके कुछ समय बाद धुएं का 10% से 25% राख एक भरी काला और एसिडिक बारिश के रूप मे पृथ्वी पर गिरने लगेगा। बाकी का बचा हुआ राख और धुआं सूर्य के प्रकाश को 90% तक काम कर देगा।

जिससे पृथ्वी के सतह पर औसत तापमान लगभग -25°C तक गिर जायेगा। पूरे एशिया और यूरोप मे तो तापमान -30°C तक चला जायेगा। इतने काम तापमान होने के कारण, फसल एवं कृषि व्यवस्था पूर्ण रूप से नष्ट हो जायेगा। इससे आप अंदाजा लगा ही सकते हैं की परमाणु युद्ध से मानवता कितने खतरे में पड़ सकती है।

भारत का anti-missile रक्षा कवच

परमाणु युद्ध होगा या नहीं या नहीं कहना तो मुश्किल है। लेकिन हमें इस प्रकार के मानव निर्मित किसी भी तरह के परिस्थिति से बचने के लिए, पहले से ही तैयार रहना चाहिए।

हालाँकि हमारे देश भारत के पास Anti-Missile तकनीक उपलब्ध है, जिसे हम भारत का anti-missile रक्षा कवच भी कह सकते हैं। भारत के पास ऐसे दो रक्षा कवच हैं – पहला पृथ्वी air defence और दूसरा advanced air defence system।

अमेरिका, रूस और इजराइल के बाद भारत दुनिया का चौथा देश है जिसके पास इतना मजबूत रक्षा कवच है। भारत अपने रक्षा कवच से किसी भी परमाणु मिसाइल को हवा मे ही नष्ट करने की क्षमता रखता है।