रात के आकाश को देखने वाले लोग और कहते हैं कि हम ब्रह्मांड में अकेले नहीं हैं।
चित्र 1: रात के आकाश को देखने वाले लोग और कहते हैं कि हम ब्रह्मांड में अकेले नहीं हैं। | अलौकिक सभ्यताओं के लिए सबूतों की कमी और उनके अस्तित्व की संभावना के लिए विभिन्न उच्च अनुमानों के बीच विरोधाभास है।

जबसे मनुष्य ने इस विशाल ब्रह्मांड को देखना शुरू किया है और अपनी आँखें सितारों की ओर मोड़ी है तबसे मनुष्य को यह सवाल परेशान करता आ रहा है, कि क्या हम इस विशाल ब्रह्मांड में अकेले हैं, क्या वहाँ अन्य लोग भी हैं? क्या वहाँ जीवन हमारे जैसा हैं, क्या हमारे सौर मंडल में कहीं और कोई और मौजूद है?

फर्मी विरोधाभास, जिसका नाम इतालवी-अमेरिकी भौतिक विज्ञानी एनरिको फर्मी के नाम पर रखा गया है, के अनुसार अलौकिक सभ्यताओं (extraterrestrial civilizations) के लिए सबूतों की कमी और उनकी संभावना के लिए विभिन्न उच्च अनुमानों के बीच स्पष्ट विरोधाभास है, और चाहे ब्रह्माण्ड में हमारे जैसे अलौकिक सभ्यताएं मौजूद हो या न हो लेकिन दोनों ही संभावनाएं भयानक प्रतीत हैं। 


पहले एक्सोप्लैनेट की पुष्टि

1992 में जब पहले एक्सोप्लैनेट की पुष्टि की गई थी तब यह संदिग्ध था कि हमारे सौर मंडल में बाहर भी कोई ग्रह थे। आज हम विभिन्न तारामंडलों के अंदर सितारों और ग्रह के आसपास हज़ारों से भी अधिक ऐसे ग्रहों के बारे में जानते हैं जिनपर पर्यावरण हमारे पृथ्वी के सामान है, लेकिन हम अभी भी यह नहीं जानते कि क्या इन ग्रहों में कहीं भी ऐसी स्थिति है जो जीवन को प्रभावित करता है? क्या वे गृह ग्रहों की रूपरेखा बनाने में पृथ्वी की कक्षा के ग्रहों की व्यवस्था का समर्थन करती है? दुनिया भर के अंतरिक्ष संगठन आज भी इन ग्रहों पर शोध कर रहें और इन पर जीवन के संभावनाओं को खोज रहें हैं।

जीवन का समर्थन करने के लिए अन्य ग्रहों की रूप रेखाएँ कैसी हैं?

इससे पहले कि हम यह तय कर सकें कि जीवन का समर्थन करने के लिए अन्य ग्रहों की रूपरेखाएँ कैसी हैं हमें शुरू में उन्हें खोज लेना चाहिए। नासा के वैज्ञानिक इस उद्देश्य के बाद केपलर मिशन के माध्यम से जमीनी-आधारित धारणाओं के आकर्षक सूट का समर्थन करके अंतरिक्ष-आधारित वेधशाला जो सामान्यत: वहां प्रति स्टार की संख्या क्या है, को एक्स्ट्रासोलर ग्रहों का ध्यान केंद्रित करता है, और कार्य के माध्यम से TESS (ट्रांसिटिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सैटेलाइट) जो कि पृथ्वी के आकार से गैस गोलियथों में यात्रा करने वाले एक्सोप्लेनेट को खोजने के लिए एक ऑल-स्काई अध्ययन कर रहा है।

ऐसे प्रमाण जो बताते हैं कि हम इस ब्रह्मांड में अकेले नहीं हैं।

SETI ( search for extra terrestrial intelligence ) दशकों से Aliens पर Research कर रहा है, लेकिन 1961 में पहली SETI बैठक में डॉ. फ्रैंक ड्रेक ने अंतरिक्ष में मौजूद एलियन सभ्यता की संख्या का अनुमान लगाने के लिए एक समीकरण तैयार किया। ड्रेक का तर्क है कि इसकी पूरी संभावना है की इतने विशाल ब्रह्माण्ड में कहीं तो कोई सभ्यता होगी ही, इसका मतलब वहाँ एलियंस होना चाहिए। SETI वैज्ञानिक द्वारा मुख्य रूप से स्पेस में अनजान रेडियो संकेत देखें गएँ हैं।

1977 में OHIO के वैज्ञानिकों ने wow signal खोजा, वैज्ञानिक कई वर्षों तक WoW signal पर अनेक research किये लेकिन उसे दोबारा detect नहीं कर पाए।शोधकर्ता CHARLES FORT और ERICH VAN DANIKEN का मानना ​​है कि, हम पहले से ही प्राचीन काल में एलियंस द्वारा संपर्क किए जा चुके हैं। हालाँकि, उनके सिद्धांतों का समर्थन करने के लिए बहुत कम सबूत हैं लेकिन दुनिया भर में हजारों लोगों ने UFO ( Unidentified flying object ) को देखने का दावा किया है।

1947 में रोसवेल आर्मी एयर फील्ड ने घोषणा की कि न्यू मैक्सिको में  एक UFO दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। एरिया 51 में जल्द ही अंतरिक्ष यान परीक्षण और एलियंस ऑटोप्सी की कहानियों की ख़बरें फैलने लगी, लेकिन आधिकारिक तौर पर किसी भी रिपोर्ट पर कभी भी पुष्टि नहीं की गई। सभी UFO देखे जाने का लगभग 10% अस्पष्टीकृत है। STEPHEN HAWKING जैसे प्रमुख भौतिक विज्ञानी का मानना ​​है कि एलियन जीवन मौजूद है, लेकिन उनका यह भी कहना है कि हम अभी एक अधिक उन्नत सभ्यता से मिलने के लिए तैयार नहीं हैं।

हमारी आकाशगंगा में कई सौ अरब तारे हैं।

जिनमें से कई में ग्रहों की परिक्रमा करने की संभावना है लेकिन यह पर्याप्त नहीं है, खगोलविदों का मानना है कि ब्रह्मांड में कम से कम एक ट्रिलियन आकाशगंगाएँ हैं और हर आकाशगंगा में ग्रहों की संभावना को देखते हुए, ऐसा लगता नहीं है कि हम ब्रह्मांड में अकेले हैं। इसलिए दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने उन्हें SETI, या अलौकिक बुद्धिमत्ता की खोज, कहा है। अब तक SETI के वैज्ञानिकों ने रेडियो संकेतों के लिए आकाश को स्कैन करने के बाद भी कुछ भी नहीं पाया है जो जीवन का संकेत दे सकता है।दुनिया भर के वैज्ञानिक लगातार Aliens पर Research करते रहेंगे। लेकिन जब हम Aliens सभ्यता से मिलेंगे तब क्या होगा?


इस लेख के प्रकाशन की तिथि: 3 फ़रवरी, 2019 और अंतिम संशोधित(modified) तिथि: 13 अप्रैल, 2021

Advertisement, continue reading
पिछला लेखसपने क्यों देखते हैं हम? क्या विज्ञान हमें बता सकता है?
अगला लेखहड़प्पा सभ्यता में विज्ञान और प्रौद्योगिकी।
Mithun Sarkar वैज्ञानिकों और लेखकों के बारे में आत्मकथाएँ लिखते हैं। उन्हें विज्ञान और तकनीक बहुत पसंद है। उन्हें विज्ञान लेख लिखने के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है, वे व्यक्तिगत वित्त से लेकर खगोल विज्ञान तक के विषयों पर भी लिखते हैं।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here