Gustav Robert Kirchhoff – Biography in Hindi

Gustav Robert kirchhoff in hindi

Gustav Robert kirchhoff ( 12 March 1824 – 17 October 1887 ) एक ऐसे जर्मन भौतिक विज्ञानी जिन्हें Electrical Circuits Spectroscopy और गर्म वस्तु द्वारा Black Body Radiation के उत्सर्जन को समझाने में योगदान दिया जाता है।

Gustav Robert kirchhoff ने ही 1862 में Black Body Radiation को गढ़ा था। जिनके अवधारणाओं के कम से कम दो अलग-अलग sets को हम “kirchhoff Laws” के नाम से जानते हैं। Spectroscopy में इनके और इनके एक सहयोगी Robert bunsen के काम पर The Bunsen-Kirchhoff Award का नाम पड़ा।


जन्म और शिक्षा –

Gustav kirchhoff का जन्म Konigsberg Prussia Germany में 12 मार्च 1824 को हुआ था। इनके पिता का नाम Friedrich Kirchhoff, एक lawyer, और माता का नाम Johanna Henriette Wittke था। इनका परिवार मूल रूप से Prussia के Evangelical Church में Lutherans यानि वेस्टर्न ईसाई थे। Gustav kirchhoff 1847 में अलबर्टस यूनिवर्सिटी ऑफ कोनिग्सबर्ग से ग्रेजुएट हुए जहाँ वे Carl Gustav Jacob, Franz Ernst Neumann और Friedrich Julius Richelot द्वारा निर्देशित गणित भौतिकी सेमिनार में भाग लिया करते थे।

ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद वह बर्लिन चले आए बर्लिन में प्रोफेसरशिप प्राप्त करने के कुछ वर्षों बाद ही kirchhoff अपने Circuit Laws को formulate कर चुके थे। kirchhoff के Circuit Laws आज भी आधुनिक इंजीनियरिंग में सर्वव्यापी है। kirchhoff ने अपने Circuit Laws के अध्ययन को एक सेमिनार अभ्यास के रूप में पूरा किया, जो कि बाद में उनका डॉक्टरेट शोध प्रबंध बन गया।

करियर –

इस प्रकार उन्हें 1854 में Heidelberg यूनिवर्सिटी में बुलाया गया जहाँ उन्होंने Robert Bunsen के साथ Spectroscopy कार्यों में सहयोग किया। 1857 में उन्होंने गणना की की एक बिना रेजिस्टेंस वाले तार में एक इलेक्ट्रिक सिग्नल लाइट की स्पीड से कैसे यात्रा करता है।

दोस्तों 1857 में ही Gustav kirchhoff ने क्लारा रिजल्डेट से शादी की जिनके 5 बालक थे, क्लारा के निधन के बाद उन्होंने लुईस ब्रोमेल से शादी की थी। अपने इलेक्ट्रिक सिग्नल एक्सपेरिमेंट के बाद 1859 में Kirchhoff ने अपने थर्मल रेडिएशन के लॉ का प्रस्ताव रखा और 1861 में इसका प्रमाण भी दिया।

साथ में Kirchhoff और Bunsen ने स्पेक्ट्रोस्कोप का आविष्कार किया, जिसका प्रयोग kirchhoff ने सूर्य में एलिमेंट्स को पहचानने के लिए किया। और इस प्रकार 1859 में स्पेक्ट्रोस्कोप के प्रयोग से पता चला कि सूर्य में भी सोडियम है। Kirchhoff और Bunsen ने 1861 में caesium और rubidium एलिमेंट्स की खोज की और हैडलबर्ग में उन्होंने मैथमेटिशियन Leo Koenigsberger के साथ Neumann’s के मॉडल पर एक मैथमेटिकल-फिजिकल सेमिनार चलाया।

जिसमें वे अपने और Bunsen के कार्यों का भी विस्तार वर्णन किया करते थे। उन्होंने स्पेक्ट्रोस्कोपी के तीन Laws को फॉर्म्युलेट करके स्पेक्ट्रोस्कोपी के क्षेत्र में बहुत योगदान दिया, जो गर्म वस्तु द्वारा उत्सर्जित लाइट और स्पेक्ट्रल कंपोजीशन का वर्णन करते हैं। Kirchhoff के यह Laws  David Alter और Anders Jonas के स्पेक्ट्रम एनालिसिस का सहयोग करते हैं।

1862 में किरचॉफ को सोलर स्पेक्ट्रम की निश्चित रेखाओं और आर्टिफिशियल स्पेक्ट्रा के ब्राइटलाइट लाइंस के इंवर्जन पर अपने शोध के लिए रंफर्ड मेडल से सम्मानित किया गया इस प्रकार 1875 में Kirchhoff बर्लिन में विशेष रूप से थियोरेटिकल फिजिक्स के लिए समर्पित पहले सम्मान को स्वीकार किया। बाद में किरचॉफ ने optics में भी योगदान दिया और मैक्सवेल के equations को हल करने के लिए Huygens के सिद्धांत के लिए एक ठोस आधार प्रदान किया। 1884 में गुस्ताफ Kirchhoff रॉयल नीदरलैंड्स एकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज के मेंबर भी बने

मृत्यु:

17 अक्टूबर 1887 को Gustav Robert kirchhoff की मृत्यु हो गई किरछऑफ के विज्ञान में योगदान इलेक्ट्रिक सर्किट स्पेक्ट्रोस्कोपी और ब्लैक बॉडी रेडिएशन आधुनिक विज्ञान को हमेशा विकसित करता रहेगा।


Gustav Kirchhoff के laws

Gustav Kirchhoff के circuit laws

Gustav Kirchhoff के circuit laws का पहला नियम यह है कि एक बिंदु (या नोड) पर मिलने वाले कंडक्टरों के नेटवर्क में धाराओं का algebraic sum शून्य है। दूसरा नियम यह है कि एक बंद सर्किट में, एक बंद सिस्टम में वोल्टेज का निर्देशित योग शून्य है।

Kirchhoff के spectroscopy के तीन laws

  • Gustav Kirchhoff के spectroscopy के तीन laws – प्रकाश को उत्सर्जित करने के लिए उत्साहित एक ठोस, तरल या घनी गैस सभी wavelengths में विकिरण करेगी और इस तरह एक निरंतर स्पेक्ट्रम का उत्पादन करेगी।
  • प्रकाश को उत्सर्जित करने के लिए उत्साहित एक कम घनत्व वाली गैस विशिष्ट wavelengths में ऐसा करेगी और यह एक उत्सर्जन स्पेक्ट्रम का उत्पादन करती है।
  • यदि एक निरंतर स्पेक्ट्रम की रचना करने वाला प्रकाश शांत, कम घनत्व वाली गैस से गुजरता है, तो परिणाम एक अवशोषण स्पेक्ट्रम होगा।
  • Gustav Kirchhoff को परमाणुओं में ऊर्जा के स्तर के बारे में नहीं पता था। असतत वर्णक्रमीय रेखाओं के अस्तित्व को बाद में परमाणु के Bohr model द्वारा समझाया गया, जिससे क्वांटम यांत्रिकी को आगे बढ़ने में मदद मिली।

Kirchhoff के thermochemistry law

किरचॉफ ने 1858 में दिखाया कि, thermochemistry में, रासायनिक प्रतिक्रिया की ऊष्मा की भिन्नता को उत्पादों और अभिकारकों के बीच ऊष्मा क्षमता के अंतर द्वारा दिया जाता है –

उनके समीकरण का एकीकरण एक तापमान पर प्रतिक्रिया से दूसरे तापमान पर प्रतिक्रिया की गर्मी के मूल्यांकन की अनुमति देता है।