Richard Feynman Biography in Hindi.

Richard Feynman Biography In Hindi

बीसवीं सदी के भौतिकी को अक्सर प्रकृति के सशक्त और शक्तिशाली वैज्ञानिकों के एक जोड़े से परिभाषित किया जाता है। यानी theory of general relativity और Quantum Mechanics जैसे सिद्धांत जो कि 1915 और 1925 के वर्षों में दुनिया में लाए गए थे, लेकिन इन वर्षों के बीच 1918 में एक और महान वैज्ञानिक आया जो कि अकेले ही बीसवीं सदी के भौतिक विज्ञान को परिभाषित करने में सक्षम था। जिनका नाम है Richard Feynman.

Richard Feynman एक अमेरिकी Theoretical Physicist थे, जिन्हें द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के संस्करण में व्यापक रूप से भौतिकी में सबसे brilliant और प्रभावशाली व्यक्ति माना जाता है।  Richard Feynman ने Quantum electrodynamics को remade किया ( Quantum electrodynamics लाइट और मैटर के बीच interaction  को कहा जाता है। )

इसके इलावा Feynman, path integral formulation, Quantum mechanics, supercooled liquid helium का भौतिकी और particle physics  के भौतिकी में उनके काम के लिए जाने जाते हैं।  Quantum electrodynamics के विकास में उनके योगदान के लिए Julian Schwinger और Shinichiro Tomonaga, के साथ संयुक्त रूप से Feynman को 1965 में भौतिकी में  Nobel पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

biography of Richard Feynman in Hindi.
Richard Phillips Feynman ( May 11, 1918 – February 15, 1988)

प्रारंभिक जीवन –

न्यूयॉर्क शहर के सुदूर Rockaway में जन्मे Richard Feynman रूसी और पोलिश यहूदियों के वंशज थे, जो 19वीं  शताब्दी में संयुक्त राज्य अमेरिका में आए थे। आर्थिक रूप से उनका परिवार ना तो अमीर था और ना ही गरीब मतलब वे एक आरामदायक जीवनयापन करते थे पर अमीर नहीं थे।

Richard Feynman के माता पिता –

Lucille Phillips एक  homemaker और Melville Arthur Feynman एक सेल्स मैनेजर Richard Feynman के माता-पिता थे। Albert Einstein और एडवर्ड टेलर की तरह ही Feynman भी देर से बात करने वाले व्यक्ति थे। युवा Richard अपने पिता से बहुत प्रभावित थे जिन्होंने Richard को रूढ़िवादी सोच को चुनौती देने और हमेशा प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित किया, और जो हमेशा Richard को कुछ नया सिखाने के लिए तैयार रहते थे। 

Richard Feynman का बचपन –

Richard Feynman अपनी माता से सेंस ऑफ ह्यूमर की भावना प्राप्त की।  युवा Richard को इंजीनियरिंग में रुचि थी हालांकि उनके माता-पिता इस बात से खुश थे, पर वे Richard को एक वैज्ञानिक बनाना चाहते थे।  25 फरवरी 1924 को 4 हफ्ते की उम्र में Richard के छोटे भाई की मृत्यु हो गई उस समय Richard केवल 5 वर्ष के थे 4 वर्ष बाद Richard की बहन Joan पैदा हुई और परिवार क्वींस के सुदूर रॉकवे में चले गए।

Joan और Richard दोनों के सोचा एक जैसे थे क्योंकि दोनों के अंदर ब्रह्मांड और प्रकृति के बारे में जानने की जिज्ञासा थी खगोल विज्ञान का अध्ययन करने की Joan की इच्छा के बारे में उनकी मां की अस्वीकृति के बाद भी Richard ने अपनी बहन को ब्रह्मांड को जानने के लिए प्रोत्साहित किया और इस प्रकार रिचार्ज की बहन बड़ी होने के बाद पृथ्वी और सोलर विंड के बीच इंटरेक्शंस में विशेषज्ञता प्राप्त करके एक एस्ट्रोफिजिसिस्ट बनीं। 

Richard Feynman की शिक्षा –

15 वर्ष की उम्र में ही Richard Feynman ने खुद को Trigonometry, Advance algebra, Infinite Series, Analytic Geometry, Differential और Integral Calculus शिखा लिया था। कॉलेज में प्रवेश करने से पहले Richard, Mathematical topics पर experiment करके विभिन्न Mathematical नोटेशन और स्पेशल सिंबल्स तैयार किए ताकि उन्हें logarithm, sine, cosine और tangent Functions को पहचानने में आसानी हो। 

युवा Richard ने Mathematics में महारत हासिल कर लिया था, और यही कारण था कि उन्होंने युवक विश्वविद्यालय गणित चैंपियनशिप जीता। Richard ने Massachusetts Institute of Technology विश्वविद्यालय से भौतिकी का अध्ययन किया, जहां उन्होंने  Molecules के बीच के forces के calculation करने के लिए एक मूल और स्थाई दृष्टिकोण का प्रस्ताव दिया।

Richard Feynman ने 1942 में Princeton विश्वविद्यालय से अपना डॉक्टरेट प्राप्त किया। Princeton में Richard के सलाहकार John wheeler के साथ उन्होंने quantum mechanics के लिए एक अप्रोच विकसित किया इस अप्रोच ने जेम्स क्लर्क मैक्सवेल द्वारा विकसित wave oriented electromagnetic picture को अंतरिक्ष और समय में मैप किए गए पार्टिकल इंटरेक्शंस पर पूरी तरह से बदल दिया। असल में Richard के method ने किसी पार्टिकल के एक से दूसरे पॉइंट तक जा सकने की सभी संभावित पदों की संभावनाओं की गणना की। 

Richard Feynman का Career और research –

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान Richard Feynman को Princeton विश्वविद्यालय में अमेरिकी Atomic bomb project में कर्मचारी सदस्य के रूप में और फिर न्यू मैक्सिको के लॉस अलामोस के secret laboratory में स्टाफ मेंबर बना लिया गया, Los Alamos में Richard मैनहैटन प्रोजेक्ट के theoretical division में सबसे कम उम्र के ग्रुप लीडर बने उस डिवीजन के प्रमुख Hans Bethe के साथ उन्होंने परमाणु विस्फोटक की ऊर्जा उपज को जानने के लिए एक सूत्र तैयार किया 

Richard Feynman मैनहैटन प्रोजेक्ट में numerical computation के विशाल मात्रा के कैलकुलेशन के लिए नई मशीनों का उपयोग किया।  सभी परीक्षण पूरे करने के बाद उन्होंने 16 जुलाई 1945 को न्यू मैक्सिको के पास एक परमाणु बम का पहला परीक्षण विस्फोट देखा। हालांकि उनकी प्रारंभिक प्रतिक्रिया बहुत ही उत्साहजनक था लेकिन बाद में उन्होंने परमाणु बम के बल के बारे में चिंता महसूस की और सोचा,  जिसे उन्होंने और उनके सहयोगियों ने मिलकर सफल बनाया वह दुनिया के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है,

द्वितीय विश्व युद्ध के अंत होने के बाद –

द्वितीय विश्व युद्ध के अंत होने के बाद Richard Feynman, Cornell University में एक सहयोगी प्रोफेसर बन गए और quantum electrodynamics पर अपना अध्ययन जारी रखा।  1948 तक Richard ने quantum मैकेनिक्स और quantum electrodynamics को पूरा करके पुराने electrodynamics के अर्थहीन सिद्धांत को हल किया,

उन्होंने simple diagrams पेश किए जिन्हें अब feynman diagrams कहां जाता है।  1950 में वे  California Institute of Technology (Caltech) में theoretical Physics के प्रोफेसर बने रहे,  Caltech में Richard के भाषण quantum electrodynamics और the theory of fundamental processes में विकसित हुए। 

1961 में उन्होंने Caltech में प्रारंभिक physics textbook  को पुनर गठित करना और पढ़ाना शुरू किया, Caltech में उनके वे लेक्चर the Feynman lectures के नाम से पब्लिश हुए जो कि एक क्लासिक टेक्स्ट बुक बन गया quantum electrodynamics के विकास में उनके योगदान के लिए Julian Schwinger और Shinichiro Tomonaga के साथ संयुक्त रूप से Richard Feynman को 1965 में Physics में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। Richard Feynman रॉयल सोसाइटी के सदस्य भी चुने गए और 1979 में National medal  से भी सम्मानित किए गए। 

मृत्यु –

कैंसर के साथ लंबे संघर्ष के बाद 1968 में Richard Feynman की मृत्यु हो गई मृत्यु के बाद उन्होंने एक लोकप्रिय प्रसिद्धि हासिल की उनके विशेष उपलब्धियों ने modern physics के विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है।